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उत्तर
प्रदेश सीएमअखिलेश यादव ने एक नया
वीडियो कैम्पेन लॉन्च किया है। इस वीडियो में वह आम लोगो कीतरह समय बिताते और सीएम बनकर अपनी
जिम्मेदारियों का निर्वाह करते दिख रहे है। इसवीडियो में सीएम अखिलेश, पत्नी डिंपल और बच्चों के
साथ भी नजर आ रहे हैं।
वायरल
हुए वीडियो में सीएम अखिलेश आम इंसान की तरह परिवार और ऑफिस में समय देकर जनता की
सेवा करते दिख रहे है।इसमें
दिखता है कि हर रोज शाम के वक्त अखिलेश यादव अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं।सीएम अपने बच्चो अदिति, टीना और अर्जुन के साथ
आवास पर बनें ग्रीन ग्राउंड में खेलते दिख रहे हैं।साथ ही सांसद डिम्पल यादव को एक पत्नी की तरह
घर के रोजाना काम को भी करते दिखाया गया है।
पहले
डिम्पल यादव बच्चों को सुबह का नाश्ता देकर स्कूल की तैयारी कराती नजर आ रही है।इसके बाद पति अखिलेश के
साथ राजनीतिक मीटिंग्स में भाग लेने के बाद उन्हें खाना खिलाते हुए दिख रही हैं।
वीडियो के एक सीन में उन्हें लोगों को
बेरोजगार लोगों को भत्ता और मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटते भी दिखाया गया है।इसमें सीएम अखिलेश को
हिन्दू और मुस्लिम दोनों के लिए काम करते हुए दिखाया गया है।यह वीडियो ‘उत्तर प्रदेश, इंडिया इज फैमिली’ की
टैगलाइन के साथ खत्म होता है।
उत्तर प्रदेश की
लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं अखिलेश यादव को एक बार फिर से अगले पांच सालों के लिए सीएम
के पद पर देखना चाहती हैं। यूपी विधान सभा चुनाव के लिए कराए गए इण्डिया टुडे के ओपिनियन
पोल में ये बात सामने आई है।
आगरा मथुरा
फिरोजाबाद मैनपुरी सहित कई जिलों में यह सर्वे कराया गया था। सर्वे के मुताबिक
सीएम पद के लिए अखिलेश महिलाओ की पहली पसंद हैं। यूपी की ज्यादर महिलाओं का मानना
है कि अखिलेश ने महिलाओं के विकास के जितने काम किए हैं उतना शायद ही किसी और मुख्यमंत्री
नही किया है।
गौरतलब है कि
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीएम ने 1090 वुमेन पावर लाईन शुरु की जिससे प्रदेश की
महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं मुख्यमंत्री ने महिलाओं के स्वास्थ्य का
भी ध्यान रखते हुए ,102,108 एंबुलेंस सुविधा, गर्भवती महिलाओं के भोजन जैसी
कई योजनाएं शुरु की हैं।
अगर शिक्षा की बात करें तो अखिलेश सरकार ने
कन्याओं को शिक्षित करने के लिए कन्या विद्याधन योजना कैसे कई महत्वपूर्ण काम किए
हैं।
समाजवादी पार्टी में
मचे घमासान को लेकर सपा सुप्रीमो मुलायमसिंह सोमवार को सबसे बड़ी बैठक बुलाई थी।
समाजवादी पार्टी की बैठक शुरू होने से पहलेअखिलेश यादव औरशिवपाल यादव भी मंच पर पहुंचे थे। इस पार्टी की बैठक को
सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव काफी भावुक हो गए। उन्होंनेपार्टी कार्यकर्ताओं
को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी के आर्शीवाद सेमैं मुख्यमंत्री बना। मेरे पिता ही
मेरे गुरु हैं। अन्याय के खिलाफ लड़नामैंने नेताजी से सीखा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुझे नई
पार्टी की जरूरतनहीं है, मैं
नई पार्टी क्यों बनाऊं? मैंने हमेशा जनता के लिए काम कियाहैं। मैंने पूरे समय
जनता के हित के लिए सोचा और काम किया।
मेरी किस्मतअच्छी है कि मैं
नेताजी का बेटा हूं। यदि नेताजी कहते तो मैं तुरंत पद सेइस्तीफा दे देता। हमारी छवि खराब करने
की कोशिश की गई। अब पार्टी मेंसाजिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई
करूंगा। कुछ लोग गलतफहमी पैदा कर रहेहैं। इस पार्टी में मेरा कुछ भी नहीं है,
सब कुछ नेताजी का है।
उत्तर प्रदेश
सरकार की लैपटॉप वितरण योजना प्रदेश में काफी लोकप्रिय हुई थी। अखिलेश सरकार ने
उर्दू, हिंदी और संस्कृत
के मेधावी छात्रों को लैपटॉपदेने का निर्णय लिया है। यूपी बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा
परिषद, उत्तर प्रदेशमदरसा बोर्ड, सीबीएसई और
आईसीएसई बोर्ड के उन छात्रों को लैपटॉप दियाजाएगा जिन्होंने
उपरोक्त विषयों में बेहतर अंक हासिल किये हैं। इस योजना के तहत उन सभी छात्रों को
लैपटॉप दिया जाता था जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की हों ।
अखिलेश सरकार ने 2015
में छात्रों के भविष्य को देखते हुए 18
लाख छात्र-छात्रों को लैपटॉप बाटें थे। जिसको लेकर कुछ पार्टियों नें विरोध भी
किया गया था। मुफ्त में छात्रों को मिल रहे लैपटॉप को झुनझुना भी बताया था, लेकिन
पूरे प्रदेश में अखिलेश सरकार की इस योजना की जमकर तारीफ हुई थी।
मुफ्त में लैपटॉप मिलने
के बाद छात्रों ने भी अखिलेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि लैपटॉप मिलने के बाद
उन्हें आगे की पढ़ाई करने में काफी मद्द मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक
बार फिर अखिलेश सरकार मेधावी छात्रों को दिवाली से पहले
लैपटॉप का तोहफा देने जा रही है।
मौजूदा कार्यकाल
की विदाई से पहले युवाओं को तकनीकीदृष्टि से उच्च गुणवत्ता वाले (उन्नत) लैपटॉप देने की
तैयारी है। जी हां, प्रदेश सरकार की ओर से 200 करोड़रुपये खर्च कर
डेढ़ लाख विद्यार्थियों को दीपावली के तोहफे के रूप मेंलैपटॉप दिये
जाएंगे।
सफल रही है
लैपटॉप योजना
आपको बता दें कि
अखिलेश सरकार लैपटॉप वितरण को अपनी उपलब्धियों मेंगिनाती रही है। तकनीक के मामले में प्रदेश सरकार ने अनेकों
कदम उठाए हैं। 2012 के चुनावी घोषणापत्र में मेधावियों को
लैपटॉप वितरण कावादा करने के बाद सत्ता में आई सपा सरकार
ने पहले साल ही लैपटॉप वितरणशुरू किया और मुख्यमंत्री आज तक इसे अपनी विशेष योजना के रूप में बतातेहैं।
दीपावली का
तोहफा हो सकता है लैपटॉप
अगले चुनाव में
जीत कर आने की स्थिति में मोबाइल फोन देने का वादाकरने वाली राज्य सरकार मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले
एक बार फिरमेधावियों के हाथों में लैपटॉप थमाना
चाहती है। तय हुआ है कि दीपावली केआसपास विद्यार्थियों को तोहफे के रूप में लैपटॉप बांट दिये जाए।
गुणवत्ता पर
फोकस
इस बारलैपटॉप वितरण में उनकी गुणवत्ता पर अतिरिक्त फोकस किया जा
रहा है। इसके लिएप्राविधिक शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों की
मदद से लैपटॉप के ‘स्पेसिफिकेशन’ निर्धारित किये गए हैं। नवीनतम ‘स्पेसिफिकेशन’ व उच्च गुणवत्ता वाले इनलैपटॉप की कीमत 2012 में सरकार द्वारा खरीदे गए लैपटॉप से कम है।
2012 मेंएक लैपटॉप की कीमत 19,058 रुपये थी, जो 2016 में 13,490 रुपये रह गयी है।इस वर्ष 1,45,292 मेधावियों को ये लैपटॉप बांटे जाएंगे।
इनमें 2015 व 2016 के बराबर-बराबर (72,646) मेधावी शामिल हैं। दोनों वर्षो के मेधावी जिलास्तर पर चिन्हित कर लिये गए हैं।
डबल स्पीड और
स्टोरेज होगी खासियत - नए ‘स्पेसिफिकेशन’ वाले लैपटॉप 2012 में बांटे गए लैपटॉप से दोगुनी रफ्तार वस्टोरेज वाले होंगे। इनमें ‘लेटेस्ट जेनरेशन प्रोसेसर’ एक साथ कई ‘अप्लीकेशंस’ का संचालन कर सकेगा। पिछले लैपटॉप में 2-कोर प्रोसेसर था, जबकि इस बार 4-कोर प्रोसेसर वाले लैपटॉप होंगे।
पिछली बार जहां
एचडीग्रैफिक्स की सुविधा थी, इस बार रेडियन आर-फोर ग्रैफिक्स के साथ
विद्यार्थीआसानी से ग्रैफिकल अप्लीकेशन चला सकेंगे।
इस बार रैम भी दो जीबी से बढ़ाकरचार जीबी कर दी गयी है। इसी तरह यूएसबी वर्जन 2.0 को अपग्रेड कर 3.0 करदिया गया है, जो दोगुना तेज है।
ऑपरेटिंग सिस्टम
भी विंडोज-7 की जगहविंडोज-10 कर दिया गया है।
पिछली बार लैपटॉप में एजूकेशन कंटेंट से जुड़ेसॉफ्टवेयर डाल कर दिये गए थे, इस बार उनके साथ क्लाउड बेस मैनेजमेंटसॉफ्टवेयर भी मिलेंगे, ताकि विद्यार्थी अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें।