इस पार्टी की बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव काफी भावुक हो गए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी के आर्शीवाद से मैं मुख्यमंत्री बना। मेरे पिता ही मेरे गुरु हैं।
अन्याय के खिलाफ लड़ना मैंने नेताजी से सीखा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुझे नई पार्टी की जरूरत नहीं है, मैं नई पार्टी क्यों बनाऊं? मैंने हमेशा जनता के लिए काम किया हैं। मैंने पूरे समय जनता के हित के लिए सोचा और काम किया।
मेरी किस्मत अच्छी है कि मैं नेताजी का बेटा हूं। यदि नेताजी कहते तो मैं तुरंत पद से इस्तीफा दे देता। हमारी छवि खराब करने की कोशिश की गई। अब पार्टी में साजिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। कुछ लोग गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। इस पार्टी में मेरा कुछ भी नहीं है, सब कुछ नेताजी का है।
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