यूपी विधानसभा
चुनाव के मतदान जारी है और बीजेपी मोदी जी के चेहरे पर दाव खेल रही है.. जी हां
बीजेपी के पास सीएम पद के लिए कोई लोकल ऐसा चेहरा नहीं है जो यूपी का विकास कर
सके...
लोकसभा चुनाव
नरेंद्र मोदी के साथ जनादेश था, जिससे उन्होने शानदार
जीत हासिल की थी…लेकिन
वोटर को मालूम है कि वो देश के प्रधानमंत्री हैं पर यूपी के मुख्यमंत्री नहीं बन सकते हैं..
2015 के बिहार
विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी ने जमकर बीजेपी का प्रचार किया था । जिसका कोई भी असर
वहां के मतदाताओं पर नही पड़ा । वोटरों को लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के मायने
पूरी मालूम हैं. विधानसभा के चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर मतदाता बहुत ही
सावधानी बरतता है । यही कारण था कि बीजेपी को बिहार विधानसभा चुनाव में मुंह की
खानी पड़ी थी..
वही यूपी के
सीएम के तौर पर जनता एक बार फिर अखिलेश यादव को देखना चाहती है..जनता का मानना है
कि अखिलेश यादव ने यूपी का बहुत विकास किया है...साथ ही युवाओं को समझते है..और
उन्होंने हर वर्ग के लिए काम किया है...इसलिए युवाओं में अखिलेश का क्रेज है...
पहले जमाना और
था जब जनता को बेहला फुसलाकर, झूठे वादे करके वोट ले लिया जाता था...अब जनता सब
जानती है कि प्रदेश का विकास कौन कर रहा है..और कौन प्रदेश के लिए बेहतर
है...इसलिए जनता विकास की राह चुन रही है..

