उत्तर प्रदेश सरकार की लैपटॉप वितरण योजना प्रदेश में काफी लोकप्रिय हुई थी। अखिलेश सरकार ने उर्दू, हिंदी और संस्कृत के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने का निर्णय लिया है। यूपी बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के उन छात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा जिन्होंने उपरोक्त विषयों में बेहतर अंक हासिल किये हैं। इस योजना के तहत उन सभी छात्रों को लैपटॉप दिया जाता था जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की हों ।
अखिलेश सरकार ने 2015
में छात्रों के भविष्य को देखते हुए 18
लाख छात्र-छात्रों को लैपटॉप बाटें थे। जिसको लेकर कुछ पार्टियों नें विरोध भी
किया गया था। मुफ्त में छात्रों को मिल रहे लैपटॉप को झुनझुना भी बताया था, लेकिन
पूरे प्रदेश में अखिलेश सरकार की इस योजना की जमकर तारीफ हुई थी।
मुफ्त में लैपटॉप मिलने
के बाद छात्रों ने भी अखिलेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि लैपटॉप मिलने के बाद
उन्हें आगे की पढ़ाई करने में काफी मद्द मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक
बार फिर अखिलेश सरकार मेधावी छात्रों को दिवाली से पहले
लैपटॉप का तोहफा देने जा रही है।
मौजूदा कार्यकाल
की विदाई से पहले युवाओं को तकनीकी दृष्टि से उच्च गुणवत्ता वाले (उन्नत) लैपटॉप देने की
तैयारी है। जी हां, प्रदेश सरकार की ओर से 200 करोड़ रुपये खर्च कर
डेढ़ लाख विद्यार्थियों को दीपावली के तोहफे के रूप में लैपटॉप दिये
जाएंगे।
सफल रही है
लैपटॉप योजना
आपको बता दें कि
अखिलेश सरकार लैपटॉप वितरण को अपनी उपलब्धियों में गिनाती रही है। तकनीक के मामले में प्रदेश सरकार ने अनेकों
कदम उठाए हैं। 2012 के चुनावी घोषणापत्र में मेधावियों को
लैपटॉप वितरण का वादा करने के बाद सत्ता में आई सपा सरकार
ने पहले साल ही लैपटॉप वितरण शुरू किया और मुख्यमंत्री आज तक इसे अपनी विशेष योजना के रूप में बताते हैं।
अगले चुनाव में
जीत कर आने की स्थिति में मोबाइल फोन देने का वादा करने वाली राज्य सरकार मौजूदा कार्यकाल खत्म होने से पहले
एक बार फिर मेधावियों के हाथों में लैपटॉप थमाना
चाहती है। तय हुआ है कि दीपावली के आसपास विद्यार्थियों को तोहफे के रूप में लैपटॉप बांट दिये जाए।
गुणवत्ता पर
फोकस
इस बार लैपटॉप वितरण में उनकी गुणवत्ता पर अतिरिक्त फोकस किया जा
रहा है। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग के विशेषज्ञों की
मदद से लैपटॉप के ‘स्पेसिफिकेशन’ निर्धारित किये गए हैं। नवीनतम ‘स्पेसिफिकेशन’ व उच्च गुणवत्ता वाले इन लैपटॉप की कीमत 2012 में सरकार द्वारा खरीदे गए लैपटॉप से कम है।
2012 में एक लैपटॉप की कीमत 19,058 रुपये थी, जो 2016 में 13,490 रुपये रह गयी है। इस वर्ष 1,45,292 मेधावियों को ये लैपटॉप बांटे जाएंगे।
इनमें 2015 व 2016 के बराबर-बराबर (72,646) मेधावी शामिल हैं। दोनों वर्षो के मेधावी जिला स्तर पर चिन्हित कर लिये गए हैं।
डबल स्पीड और
स्टोरेज होगी खासियत - नए ‘स्पेसिफिकेशन’ वाले लैपटॉप 2012 में बांटे गए लैपटॉप से दोगुनी रफ्तार व स्टोरेज वाले होंगे। इनमें ‘लेटेस्ट जेनरेशन प्रोसेसर’ एक साथ कई ‘अप्लीकेशंस’ का संचालन कर सकेगा। पिछले लैपटॉप में 2-कोर प्रोसेसर था, जबकि इस बार 4-कोर प्रोसेसर वाले लैपटॉप होंगे।
पिछली बार जहां
एचडी ग्रैफिक्स की सुविधा थी, इस बार रेडियन आर-फोर ग्रैफिक्स के साथ
विद्यार्थी आसानी से ग्रैफिकल अप्लीकेशन चला सकेंगे।
इस बार रैम भी दो जीबी से बढ़ाकर चार जीबी कर दी गयी है। इसी तरह यूएसबी वर्जन 2.0 को अपग्रेड कर 3.0 कर दिया गया है, जो दोगुना तेज है।
ऑपरेटिंग सिस्टम
भी विंडोज-7 की जगह विंडोज-10 कर दिया गया है।
पिछली बार लैपटॉप में एजूकेशन कंटेंट से जुड़े सॉफ्टवेयर डाल कर दिये गए थे, इस बार उनके साथ क्लाउड बेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी मिलेंगे, ताकि विद्यार्थी अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें।
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