हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस संस्था की और से दाखिल याचिका में कहा गया था कि पेंशन योजना के लाभार्थियों में 90 फीसदी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हैं और इस योजना में धर्म के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि सरकार ने इस योजना में अल्पसंख्यकों के लिए 25 फीसदी का आरक्षण तय किया है है जो संविधान के खिलाफ है क्योंकि धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।
बता दें कि समाजवादी पेंशन योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे अल्पसंख्यकों समेत सभी नागरिकों को प्रतिमाह 500 रुपये से 700 रुपये तीन वर्ष के लिए दिया जाता है। अखिलेश यादव ने मौजूदा चुनावों के लिए पार्टी के जारी घोषणा पत्र में इस योजना का विस्तार करते हुए इसे एक करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। घोषणा के मुताबिक एक करोड़ लोगों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की योजना है।
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