मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 11 जिलो में अक्षय पात्र योजना की शुरुआत की।
शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, अक्षय पात्र का किचन देखा उसके बाद ही फैसला ले लिया की ऐसा काम होना चाहिए, अक्षय पात्र का किचन प्रदेश के हर जिले में लगाया जायेगा।
प्रदेश की जनता जान गई है की विकास कौन कर रहा है , कोई विभाग नहीं बचा जिसमे काम न किया हो, जब सरकार की तरफ से फल वितरण हुआ तो जानकारी हुई की पहली बार बच्चो ने फल खाया।
आने वाले समय में बच्चो को बैठने के लिए टेबल कुर्सी का इंतजाम किया जएगा, आने वाले समय में बिडिंग कैसे अच्छी बने।इसपर भी काम होगा।
सरकार की जिम्मेदारी है इन्हें पढना. स्मार्ट फोन भी हम बांटने जा रहे है जिससे टेक्नोलॉजी बढ़ेगी।
जब मैं मैट्रो बनाने जा रहा था तो किसी को विश्वास नहीं हुआ जब एक्सप्रेस वे बनाने जा रहे थे तो 23 महीनो में पूरा कर दिया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे 30 महीनो में पूरा करेंगे ।
मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत जनपद वाराणसी, आगरा, कानपुर नगर, कन्नौज, अम्बेडकरनगर, गाजियाबाद, इटावा, इलाहाबाद, रामपुर, बलिया एवं आजमगढ़ में केन्द्रीयकृत किचेन की स्थापना के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। यह सभी किचेन अक्षयपात्र फाउण्डेशन द्वारा संचालित किए जाएंगे। अभी अक्षयपात्र फाउण्डेशन द्वारा केन्द्रीयकृत किचेन के माध्यम से जनपद लखनऊ तथा मथुरा में लगभग 02 लाख बच्चों को गरम पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। आज शिलान्यास किए गए 11 जनपदों को सम्मिलित करने के बाद इस संस्था द्वारा प्रदेश के 13 लाख बच्चों को प्रतिदिन गुणवत्ता युक्त मध्यान्ह भोजन मिलने लगेगा। राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद में केन्द्रीयकृत किचेन निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के अतिरिक्त प्रति किचेन करीब 14 करोड़ रुपए का व्यय भार वहन किया जा रहा है।

No comments:
Post a Comment