यूपी विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है...अब जनता फैसला
करेगी की यूपी का सरताज कौन होगा...अगर कामकाज की बात करे तो अखिलेश यादव, पीएम मोदी और मायावती से कही आगे
हैं.. सीएम अखिलेश के काम ने यूपी की छवि को
बदल दिया है..जो लोग इस
पर पहले सवाल जवाब
करते है आखिर में उनकी भी राय अखिलेश के पक्ष में ही होती है...
पीएम मोदी 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार में मंहगाई और किसानों के हित की बात
करते थे...लेकिन पीएम बनने के बाद ढाई साल बीतते बीतते मोदी जी की सारी बातें हवा
हवाई हो गई.. वही सीएम अखिलेश
यादव ने किसानों के कल्याण
हेतु मुफ्त सिचाई और ऋण माफी योजना चलाकर उनके चेहरे पर
मुस्कान खिला दी है..हैरानी वाली बात ये है कि मोदी जी ने पीएम
पद समभालते ही पहले साल में 365 में से 55 दिन विदेश में बिताए..उन्होंने कुल 18 देशों का
दौरा किया..जिसमें 37 करोड़ से अधिक रुपए खर्च हो चुके है...
बुनियादी तौर पर देखा जाए तो पीएम मोदी ढाई साल में कई बार देश को
डिजीटल इंडिया बनाने की बात करते है लेकिन आज तक उन्होंने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया
जिससे देश डिजीटल हो सके..वही यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने प्रदेश में लाखों
बच्चों को लैपटॉप बांटे..साथ ही अब स्मार्ट फोन की योजना भी लागू कर दी है...जिससे
प्रदेश डिजीटल हो सके...
8 नवंबर 2016 रात 8 बजे पीएम ने 500-1000 के नोट पर बेन लगा दिया..जिसके बाद से जनता की परेशानिया और बढ गई..बात यही खत्म नही हुई मोदी जी फैसला लेने के बाद देश से बहार जापान चले गए..यहां लोग परेशानी के चलते मर रहे थे और वहां मोदी जी हंसी ठिठोली कर रहे थे...
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