नोटबंदी के मुद्दे पर सीएम अखिलेश यादव ने वित्त
मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर धन निकासी पर व्यापारियों-किसानों के लिए
छूट मांगी है। उन्होंने वित्त मंत्री को पत्र में लिखा है कि पैसा न होने
की वजह से छोटे काम करने वाले मजदूरों को निकाल दिया गया। इससे तमाम लोग
भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा बोआई प्रभावित हुई है। लिहाजा
नोटबंदी के बाद पैसे की निकासी की लिमिट को खत्म किया जाए।
नोटबंदी से हुआ राजस्व का नुकसान
सीएम ने मांग की है कि नोटबंदी से हुई जनता की परेशानी खत्म करने के लिए छोटे नोटों की आपूर्ति की जाए। इसके अलावा जनता बैंकों में रखी नकदी निकाल सके, इसके लिए हर दस हजार की आबादी पर कम से कम दो पीओएस मशीनें लगवाईं जाए। नोटबंदी से राजस्व का नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार सोचे। सीएम ने कहा है कि प्रदेश सरकार पुलों और बेहतर सड़कों पर ध्यान दे रही
नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस करेगी तीन चरणों में आंदोलन
ये भी लिखा पत्र में
1- व्यापारियों-किसानों के लिए खत्म करें लिमिट’•केंद्र सरकार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाए ताकि रोजगार मिले।
2- प्रदेश सरकार द्वारा लिए जाने वाले ऋण की सीमा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत की जाए।
3- बुंदेलखंड की पेयजल परियोजनाओं पर केंद्र सरकार पूरी सहायता दे।
4- बाढ़ की वजह से फसली नुकसान पर मुआवजे के लिए मांगे गए 812.53 करोड़ रुपये पर जल्द विचार किया जाए।
5- पुलिस को बेहतर करने के लिए शस्त्र और वाहन समेत अन्य जरूरतों के लिए प्रस्ताव पर विचार हो।
6- प्रदेश के लिए ऋण की रकम से 1384 करोड़ रुपये कम की स्वीकृति मिली। इसे भी स्वीकृत किया जाए।
7- वित्तीय वर्ष 2015-16 में 4,095 करोड़ रुपये का ऋण नहीं मिला था, इसे इस साल जोड़कर दिया जाना था, लेकिन नहीं मिला है। इसे जल्द स्वीकृत किया जाए।
8- उदय योजना के तहत आरबीआई से बात की जाए ताकि बैंक बॉन्ड्स लेने से न हिचकें।
नोटबंदी से हुआ राजस्व का नुकसान
सीएम ने मांग की है कि नोटबंदी से हुई जनता की परेशानी खत्म करने के लिए छोटे नोटों की आपूर्ति की जाए। इसके अलावा जनता बैंकों में रखी नकदी निकाल सके, इसके लिए हर दस हजार की आबादी पर कम से कम दो पीओएस मशीनें लगवाईं जाए। नोटबंदी से राजस्व का नुकसान हुआ है, इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार सोचे। सीएम ने कहा है कि प्रदेश सरकार पुलों और बेहतर सड़कों पर ध्यान दे रही
नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस करेगी तीन चरणों में आंदोलन
ये भी लिखा पत्र में
1- व्यापारियों-किसानों के लिए खत्म करें लिमिट’•केंद्र सरकार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाए ताकि रोजगार मिले।
2- प्रदेश सरकार द्वारा लिए जाने वाले ऋण की सीमा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत की जाए।
3- बुंदेलखंड की पेयजल परियोजनाओं पर केंद्र सरकार पूरी सहायता दे।
4- बाढ़ की वजह से फसली नुकसान पर मुआवजे के लिए मांगे गए 812.53 करोड़ रुपये पर जल्द विचार किया जाए।
5- पुलिस को बेहतर करने के लिए शस्त्र और वाहन समेत अन्य जरूरतों के लिए प्रस्ताव पर विचार हो।
6- प्रदेश के लिए ऋण की रकम से 1384 करोड़ रुपये कम की स्वीकृति मिली। इसे भी स्वीकृत किया जाए।
7- वित्तीय वर्ष 2015-16 में 4,095 करोड़ रुपये का ऋण नहीं मिला था, इसे इस साल जोड़कर दिया जाना था, लेकिन नहीं मिला है। इसे जल्द स्वीकृत किया जाए।
8- उदय योजना के तहत आरबीआई से बात की जाए ताकि बैंक बॉन्ड्स लेने से न हिचकें।

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