विकास से विजय की ओर के वादे के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को
समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया. इसमें उन्होंने 2012 के चुनावी वादों
को पूरा करने के साथ आगे की योजनाओं का ऐलान किया. उन्होंने आगरा, कानपुर और वाराणसी
में मेट्रो चलाने का वादा किया. लैपटॉप की तर्ज पर स्मार्ट फोन
देने की भी बात की. आखिर क्या है खास इस घोषणापत्र में डालते है इस पर एक नज़र।
सपा के चुनावी
घोषणा पत्र की अहम बातें...
- करोड़ लोगों को हजार रुपये मासिक पेंशन
- स्मार्टफोन देने का वादा
-अल्पसंख्यकों के लिए कौशल विकास योजना
-गरीब महिलाओं को प्रेशर कुकर देने का
वादा
-मजदूरों को रियायती दर पर मिड-डे मील
-पूर्वांचल में स्किल डेवलेपमेंट बनाने का
वादा, स्टार्ट-अप योजना
-वरिष्ठ नागरिकों के लिए ओल्ड ऐज होम
बनाने का वादा
-महिलाओं का रोडवेज में आधा किराया लगेगा
-पशुओं के इलाज के लिए एंबुलेंस की सुविधा, 108 की सेवा
-गांव में एंबुलेंस के साथ पहुंचेगा
डॉक्टर
-कुपोषित बच्चों को 1 किलो घी, 1 किलो मिल्क पाउडर दिया जाएगा
-शहर की तरह गांव में भी 24 घंटे बिजली
-समाजवादी किसान कोष बनाएंगे
-
जिला मुख्यालय फोर-लेन से जोड़ेंगे
- तहसील स्तर पर एसेंबली बाजार बनाने का काम.
- संविदा कर्माचारियों की समस्याओं का समाधान.
- कमजोर बच्चों, गरीब बच्चों को एक लीटर घी, एक किलो मिल्क पाउडर.
- शहर की तरह गांवों में 24 घंटे बिजली.
- ग्रीन फिल्ड टाउनशिप का निर्माण होगा.
फिर सरकार बनाएंगे- अखिलेश
इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने बहुत काम किया है. हम दोबारा सरकार बनाएंगे. मुझे सबसे कम उम्र में सीएम बनने का मौका मिला. समाजवादी सरकार पर लोगों को भरोसा है. हम अपने सिद्धांतों से नहीं हटेंगे.
अखिलेश ने पूछा- अच्छे दिन वाले कहां गए?
अखिलेश ने कहा कि न जाने कौन कौन सी बातें न जाने कौन से सपने दिखाए जा रहे हैं. लोग समीकरण बना रहे हैं कि ये समीकरण बनेगा तो ये होगा. तमाम दल हैं जिनके पास बताने को कुछ नहीं है. जिन्होंने नारा दिया अच्छे दिन का, सबका साथ-सबका विकास, अब तो तीन साल हो गए. बजट में यूपी के लिए कुछ अच्छी चीज दे सकते हैं लेकिन देश की जनता पूछ रही है कि अच्छे दिन कहा हैं. विकास के बहाने झाड़ू पकड़ा दिया, योग करा दिया. यूपी का कोई जिला नहीं बचा जहां काम नहीं होगा. याद करो पांच साल पहले बिजली कितने जिलों, गांवों में आती थी. गांव में 16-18 घंटे बिजली पहुंचाई है.
'गाजीपुर-बलिया तक
बनाएंगे सड़क'
अखिलेश ने कहा कि सड़क पर चलो तो पता
लगता है कि सड़क कैसी है. लखनऊ-आगरा तक सड़क बन गई है. अब ऐसी ही सड़क
गाजीपुर-बलिया तक बनवाएंगे. सड़कों के किनारे मंडी भी बनवा रहे हैं.इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने बहुत काम किया है. हम दोबारा सरकार बनाएंगे. मुझे सबसे कम उम्र में सीएम बनने का मौका मिला. समाजवादी सरकार पर लोगों को भरोसा है. हम अपने सिद्धांतों से नहीं हटेंगे.
अखिलेश ने पूछा- अच्छे दिन वाले कहां गए?
अखिलेश ने कहा कि न जाने कौन कौन सी बातें न जाने कौन से सपने दिखाए जा रहे हैं. लोग समीकरण बना रहे हैं कि ये समीकरण बनेगा तो ये होगा. तमाम दल हैं जिनके पास बताने को कुछ नहीं है. जिन्होंने नारा दिया अच्छे दिन का, सबका साथ-सबका विकास, अब तो तीन साल हो गए. बजट में यूपी के लिए कुछ अच्छी चीज दे सकते हैं लेकिन देश की जनता पूछ रही है कि अच्छे दिन कहा हैं. विकास के बहाने झाड़ू पकड़ा दिया, योग करा दिया. यूपी का कोई जिला नहीं बचा जहां काम नहीं होगा. याद करो पांच साल पहले बिजली कितने जिलों, गांवों में आती थी. गांव में 16-18 घंटे बिजली पहुंचाई है.
मायावती पर निशाना, कहां गयी पत्थर वाली सरकार
पत्थर वाली सरकार कितने काम गिनाएगी? बहुत टीवी पर आ रही है, सोचो टीवी अगर टकरा गया पत्थरों से क्या होगा टीवी का? जो पत्थर लगे हैं नोएडा, लखनऊ में वे इंतजार कर रहे हैं. वो इससे बड़े हाथी बना देंगे. महाराष्ट्र से कंप्टीशन का मौका मिल गया तो फिर अगर वो बनाने लगी तो कितना सरकारी खजाना खाली होगा.

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